विविधा 2026 में एलपीडी स्कूल के बच्चों ने दिखाई प्रतिभा। पुरस्कार वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
अमौली (फतेहपुर)। विकास खंड अमौली स्थित एलपीडी पब्लिक स्कूल में ‘विविधा 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया तथा शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों समाजसेवी अशोक तपस्वी तथा जिलान्यायाधीश हरदोई महेंद्र नाथ उमराव द्वारा माता सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियां प्रस्तुत कीं। जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक की विविधता को कार्यक्रम में देखा गया। बच्चों ने राजस्थानी, भोजपुरी, पंजाबी तथा अन्य लोक संस्कृतियों पर आधारित गीत और नृत्य प्रस्तुत किए।
खासतौर पर आद्या तथा उनकी सहेलियों द्वारा प्रस्तुत “बनारस वाला पान” और आराध्या तथा उनकी सहेलियों द्वारा प्रस्तुत “जुलम कर डालो” गीत की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। देशभक्ति गीत पर बच्चों द्वारा बनाए गए पिरामिड ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही कक्षा 8 की छात्रा कृति शर्मा, श्रुति सैनी तथा उनकी सहेलियों ने राजस्थानी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसानों पर आधारित नाटक ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि मोबाइल का अनियंत्रित प्रयोग कितना घातक हो सकता है। बच्चों द्वारा कुल 30 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
वार्षिकविविधा 2026 में एलपीडी स्कूल के बच्चों ने दिखाई प्रतिभा। पुरस्कार वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
अमौली (फतेहपुर)। विकास खंड अमौली स्थित एलपीडी पब्लिक स्कूल में ‘विविधा 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया तथा शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों समाजसेवी अशोक तपस्वी तथा जिलान्यायाधीश हरदोई महेंद्र नाथ उमराव द्वारा माता सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियां प्रस्तुत कीं। जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक की विविधता को कार्यक्रम में देखा गया। बच्चों ने राजस्थानी, भोजपुरी, पंजाबी तथा अन्य लोक संस्कृतियों पर आधारित गीत और नृत्य प्रस्तुत किए।
खासतौर पर आद्या तथा उनकी सहेलियों द्वारा प्रस्तुत “बनारस वाला पान” और आराध्या तथा उनकी सहेलियों द्वारा प्रस्तुत “जुलम कर डालो” गीत की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। देशभक्ति गीत पर बच्चों द्वारा बनाए गए पिरामिड ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही कक्षा 8 की छात्रा कृति शर्मा, श्रुति सैनी तथा उनकी सहेलियों ने राजस्थानी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसानों पर आधारित नाटक ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि मोबाइल का अनियंत्रित प्रयोग कितना घातक हो सकता है। बच्चों द्वारा कुल 30 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
वार्षिक परीक्षा में कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों द्वारा मेडल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक उमेश कुमार त्रिवेदी ने किया। विद्यालय प्रबंधक प्रमोद कुमार पांडे ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्या पूनम पांडेय, प्रमोद तिवारी, नेमा देवी, मुकेश ओमर, राजेंद्र तिवारी, दिनेश आर्य, राघव तिवारी, दिव्या पांडेय, आकांक्षा, अन्नू, प्रांजुल, गोपाल बाजपेयी, आशीष बनर्जी, वंदना, अमिता, शैलजा, शालिनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। परीक्षा में कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों द्वारा मेडल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक उमेश कुमार त्रिवेदी ने किया। विद्यालय प्रबंधक प्रमोद कुमार पांडे ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्या पूनम पांडेय, प्रमोद तिवारी, नेमा देवी, मुकेश ओमर, राजेंद्र तिवारी, दिनेश आर्य, राघव तिवारी, दिव्या पांडेय, आकांक्षा, अन्नू, प्रांजुल, गोपाल बाजपेयी, आशीष बनर्जी, वंदना, अमिता, शैलजा, शालिनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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