फतेहपुर में समाजसेवी मोना ओमर को बेनामी पत्र से मिली जान-माल की धमकी
— ज्वाला जी मेला कमेटी से हटने का दबाव, व्यापारियों-समाजसेवियों में आक्रोश
— पुलिस ने सुरक्षा का आश्वासन दिया, अभियुक्त की तलाश जारी
फतेहपुर, 19 फरवरी 2026 — जनपद के प्रमुख समाजसेवी एवं व्यापारी मोना ओमर को एक अज्ञात व्यक्ति ने बेनामी पत्र भेजकर जान-माल की गंभीर धमकी दी है। पत्र में मोना ओमर से ज्वाला जी मेला कमेटी से स्वयं हटने की मांग की गई है, अन्यथा उनके साथ कोई भी गंभीर घटना घटित करने की चेतावनी दी गई है। इस धमकी से स्थानीय व्यापारियों, समाजसेवियों और आमजन में भारी रोष व्याप्त है।
मोना ओमर ने जैसे ही इस धमकी की जानकारी अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की, उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए धमकी की कड़ी निंदा की। साथ ही, उन्हें हरसंभव सहयोग और सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया। कई लोगों ने इसे समाजसेवा में सक्रिय व्यक्तियों के खिलाफ साजिश करार दिया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
आज मोना ओमर ने व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ कोतवाली थाना पहुंचकर धमकी की लिखित सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि बेनामी पत्र के माध्यम से दी गई धमकी की जांच की जा रही है और अभियुक्त की जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मोना ओमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से ताल्लुक रखते हैं और पिछले कई वर्षों से निरंतर समाजसेवा में संलग्न हैं। वे विभिन्न सामाजिक-धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से निर्धन, अभावग्रस्त परिवारों की मदद और विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध कराने में उनका विशेष योगदान रहा है। ज्वाला जी मेला कमेटी में उनकी सक्रियता स्थानीय स्तर पर सराहनीय रही है।
स्थानीय व्यापारी एवं समाजसेवी इस घटना को समाजसेवा करने वालों को डराने-धमकाने की कोशिश बताते हुए इसे बर्दाश्त न करने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे कायरतापूर्ण कृत्यों से समाजसेवा का मार्ग नहीं रुकेगा, बल्कि और मजबूती से आगे बढ़ेगा।
प्रशासन से अपील है कि धमकी देने वाले व्यक्ति/समूह की शीघ्र पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि समाजसेवी बिना भय के अपना कार्य जारी रख सकें। मोना ओमर के समर्थक उनके साथ खड़े हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
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