अमौली (फतेहपुर)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बुढ़वा मंडल में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विभाग सामाजिक सद्भाव प्रमुख ने शिरकत की, जबकि अध्यक्षता रवि सचान ने की।
डॉ. रामभक्त ने अपने संबोधन में कहा कि संघ ने अपने 100 वर्षों के सफर में हिंदू समाज को संगठित करने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने पंच परिवर्तन (पांच प्रमुख परिवर्तनों) पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिन्हें संघ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनाता रहा है। ये परिवर्तन हैं—सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-आधारित (स्वदेशी) जीवनशैली और नागरिक कर्तव्य। इनके माध्यम से व्यक्ति से लेकर राष्ट्र तक मजबूत नींव तैयार करने का कार्य किया जा रहा है।
अध्यक्ष रवि सचान ने अपने उद्बोधन में हिंदू समाज की एकजुटता की सराहना की तथा संघ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उपस्थित लोगों से राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए इसे पंच परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
कार्यक्रम में खण्ड शारीरिक प्रमुख नरेंद्र, खंड समरसता प्रमुख प्रकाश वीर, मंडल प्रमुख पंकज मिश्रा, रजत प्रताप, विराट शुक्ला, शुभम ठाकरे, मुकुल तिवारी, अल्पेश कश्यप, शुभम यादव, शिवा, जय नारायण, नरेंद्र बाजपेई सहित अनेक गणमान्य नागरिक और संघ के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
यह सम्मेलन संघ के शताब्दी वर्ष में समाज को संगठित करने और पंच परिवर्तन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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